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TANVEER ZAIDI ”ISHQ SAMUNDAR Is A Different Family Social’

TANVEER ZAIDI ”ISHQ SAMUNDAR Is A Different Family Social’...

Tanver Zaidi is a promising actor with a different kind of an image . He has been busy shooting as a model, TV actor, Film actor, Reality Shows and even Theatre for almost two decades. He wants to be known as an intense actor who can deliver whatever his director wants him to do. He has played the male lead in the forthcoming new film ISHQ SAMUNDAR which is being premiered on 9th September in Allahabad, He had a brief chat with Ayyer Mohan. You have been an actor from childhood. Comments. Yes. I have appeared in the play ADRAK KE PANJE which had a world record of running for more than 20 years.I have also acted in many more films earlier viz.GUARDIANS which had released two years ago.Then I played the male lead in Bhojpuri super hit film KAHE GAYE PARDES PIYA. In this film I played a cop whose name was Ansh. In the true sense of Indian culture and family traditions, this film was well reeived in Bihar and UP where crores of people have watched this film. I have also taken part in music videos such as AMMANEH and SHARMILI NAZAR.Then I have acted in one more film BELAGAAM in a negative role and got lots of critical acclaim . Even the audiences loved me in tbis role which was very intense and satisfied me very much as there were lots of shades in the character.  ...
हिंदी फिल्म लव के फंडे के  लेखक-निर्देशक इन्द्रवेश योगी से एक मुलाक़ात।

हिंदी फिल्म लव के फंडे के लेखक-निर्देशक इन्द्रवेश योगी से एक मुलाक़ात।...

ऍफ़आरवी बिग बिज़नेस एंटरटेनमेंट प्राईवेट लिमिटेड’ के बैनर तले बनी रोमांटिक कॉमेडी फिल्म, ‘लव के फंडे’ का निर्माण फ़ाएज़ अनवार और प्रेम प्रकाश गुप्ता किया है।जोकि आज के युवा वर्ग पर बनी है, इस फिल्म से निर्देशक की पारी स्टार्ट करने जा रहे हैं,युवा निर्देशक इन्द्रवेश योगी। जो इसके लेखक भी हैं और हरियाणा के रहनेवाले है। सीनियर सेकंडरी स्कूल, मातनहेल से स्कूल, जाट कॉलेज, रोहतक से ग्रेजुएशन और एम डी यूनिवर्सिटी, रोहतक से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उसके बाद दिल्ली में और मुंबई में काफी समय थिएटर, फिल्म,टीवी, विज्ञापन फिल्म में लेखन और निर्देशन किया। और कई बार अपने गोल को अचीव करने के लिए और सर्वाइवल के लिए घोस्ट राइटिंग और निर्देशन भी टीवी और फिल्मों का करना पड़ा। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और अब जाकर बतौर फिल्म निर्देशक उनकी पहली रोमांटिक कॉमेडी फिल्म,’लव के फंडे’ १५ जुलाई २०१६ को रिलीज़ होने जा रही है। वे हरियाणा के रहनेवाले है,जहाँ के लोग हाज़िर जवाबी के लिए मशहूर है और काफी संघर्ष के बाद यह फिल्म बनाई है। इसलिए आप उनसे उम्मीद कर सकते है कि इस फिल्म में कॉमेडी पंच,टाइमिंग और सबकुछ काफी बहुत ही उम्दा होगा।इसी सिलसिले में लेखक-निर्देशक इन्द्रवेश योगी से की गई भेटवार्ता के प्रमुख अंश प्रस्तुत कर रहे है :- योगीजी,पहले आप बताएँ कि फिल्म लाइन में कैसे आना हुआ और यहाँ तक के सफर में क्या क्या तकलीफे हुई ? हरियाणा में जब मैं स्कूल जाता था,तो लोगों को दुकानों में...
एक्टर बनना सबके बस की बात नहीं हैः निशांत कुमार

एक्टर बनना सबके बस की बात नहीं हैः निशांत कुमार...

मुंबई. निशांत कुमार अपकमिंग फिल्म ‘यह है जजमेंट हैंग्ड टिल डेथ’ के जरिए बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रहे हैं। याकूब मेनन की लाइफ से इंस्पायर इस फिल्म में अपने कैरेक्टर को वह बेहद चैलेंजिंग बता रहे हैं। वह बॉलीवुड में अपनी अलग छाप छोड़ना चाहते हैं। फिल्म और कैरेक्टर से जुड़े सवाल निशांत कुमार से। बॉलीवुड में ऑफ बीट फिल्मों के जरिए डेब्यू करने का चांस बहुत कम एक्टर्स को ही मिलता है। हालांकि ऐसी फिल्मों में काम करना चैलेंजिंग होता है लेकिन इसमें उन्हें अपने एक्टिंग टैलेंट को दिखाने का भरपूर मौका मिलता है। कुछ ऐसी ही सोच और हीरो के बजाय एक्टर के रूप में अपनी छाप छोड़ने की ख्वाहिश लेकर निशांत कुमार ‘यह है जजमेंट हैंग्ड टिल डेथ’से बॉलीवुड में डेब्यू करने को तैयार हैं। याकूब मेमन की लाइफ से इंस्पायर इस फिल्म में निशांत लीड रोल में हैं। फिल्म से जुड़ी बातचीत निशांत कुमार से। आप थोड़ा अपने बारे में बताएं? मैं बिहार की राजधानी पटना से हूं। बचपन से ही फिल्मों का शौक रहा है। मेरे पिता जी प्रमोद शर्मा पिछले 25 वर्षों से पटना में ही हिंदी फिल्मों के डिस्ट्रिब्यूटर रहे हैं। पटना से ही मैंने पढ़ाई की। बाद में यूपी के नोएडा से मैंने मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। फिर एक साल का डिप्लोमा कोर्स सिनेमा में किया। उसी दौरान मेरे भीतर एक्टिंग का जुनून सवार हो गया। कुछ वर्ष दिल्ली में थिएटर से जुड़ा रहा।   यह फिल्म आपको कैसे...
Classical Dancer & Tv Star Samiksha Bhatnagar’s first film as a lead role ‘Love Ke Funday’

Classical Dancer & Tv Star Samiksha Bhatnagar’s first film as a lead role ‘Love Ke Funday’...

Today most of the actresses in the film industry are more than ready to dare and bare their skin in films and what’s more they also end up as successful and sought after stars but unable to last forever. But there are several actresses who have come to the industry and also left an indelible niche for themselves, especially classical dancers like Madhubala, Waheeda Rehman, Vyjayanthimala, Hema Malini, Rekha, Sridevi , Madhuri Dixit, Aishwarya Rai Bachchan etc . Samiksha Bhatnagar, who hails from Dehradun is one such actress who is making her debut as lead role with FRV Big Business Entertainment Private Limited’s romcom Love Ke Funday, produced by Faaiz Anwar and Prem Prakash Gupta and written and directed by Indervesh Yogee. Samiksha has done her PhD in Kathak from Prayag Sangeet Samiti, Allahabad (U.P) and has acted in TV serials like Veera, Ados Pados, Jaane Kya Hoga Rama Re etc besides doing a cameo role in Madhur Bhandarkar’s film Calendar Girls. Love Ke Funday is her first film in a lead role. There are four main heroines in the film which slated for release on July 15, 2016. We spoke to Samiksha Bhatnagar at the office of the producer Faaiz Anwar in Andheri:- Excerpts from the conversation: What did you do before getting into films? Is anyone else in your family connected with the film industry in any manner? No one from my family is part of film. I did my B.A in...
आज भोजपुरी फिल्मों की डिमांड बन गयी हैं प्रियंका पंडित !

आज भोजपुरी फिल्मों की डिमांड बन गयी हैं प्रियंका पंडित !...

पिछले कुछ समय से भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में कई नई अभित्रियों का आगमन हुआ है, लेकिन कई अभिनेत्रियों ने एक दो या फिर चार फिल्में की उसके बाद उनका अता पता नहीं चला । मतलब की आई गयी हो गयी । वहीँ उसी दौर में भोजपुरी जगत में एक अभिनेत्री आई प्रियंका पंडित । जिन्होंने एक छोटी सी शुरुआत करके आज के दौर में भोजपुरी फिल्मों में सबकी जरूरत बन गयी हैं । कुछ ही समय में करियर की शुरुआत ही सन् २०१३  में भोजपुरी फिल्म जगत के बड़े निर्देशक राजकुमार आर पांडेय के निर्देशन में बनी भोजपुरी फिल्म ‘जीना तेरी गली में’ के जरिये ही अभिनेत्री प्रियंका पंडित भी भोजपुरी इंडस्ट्री में कदम रखी थी । इस फिल्म में उनके द्वारा निभाए गए किरदार के लिए प्रियंका को सन् २०१४ में बेस्ट डेब्यू का अवार्ड भी दिया गया था ! भोजपुरी स्टार प्रदीप पांडेय चिंटू के साथ नजर आने वाली और अपनी इस पहली भोजपुरी फिल्म को लेकर वह काफी चर्चा में आई थी । अभी हाल ही में प्रियंका पंडित से मुलाकात हुई, तो फिल्म ‘दीवाने ‘ में उनके काम करने के अनुभव के साथ-साथ उनके कैरियर से जुडी कई बातों को लेकर विस्तार से बातचीत हुई। यहां पेश हैं प्रियंका पंडित के साथ हुई बातचीत के मुख्य अंश: प्रियंका जी सबसे पहले आप अपने बारे में कुछ बताइये। मूलत: आप कहां की रहने वाली हैं? मैं मूलत: जौनपुर उत्तर प्रदेश की रहने वाली हूं, मगर मेरा...
“Those who are in demand today were also new comers at one time.”- Prem Prakash Gupta

“Those who are in demand today were also new comers at one time.”- Prem Prakash Gupta...

Prem Prakash Gupta, who had produced the film Super Model as well as the Punjabi film Munde Kamaal De has now joined hands with lyricist Faaiz Anwar and made a romantic comedy called Love Ke Funday which is slated for release in July. Indervesh Yogee has written and directed the film. Prem Prakash Gupta is a successful business man in Bangalore who deals with steel and his company is known as Triveni Enterprises. The film has been made with four talented actors and actresses playing the lead. Excerpts from the conversation: How did you enter the field of films? I came into this field thanks to my friend like Faaiz Anwar. Earlier I had also made a video called Vodka Shot. Then I made the film Super Model which was okay at the box office and Munde Kamal De which was a super duper hit. Now I have made a film called Love Ke Funday which is slated for release next month.   Why did you cast all four newcomers in your film instead of opting for a big star cast? Established actors trouble you while new comers are ready to work with you at your convenience and are at your disposal. In any case it was the demand of the subject that made us choose new comers for the film. If we do not give break to new faces, who will? Newcomers come with a, lot of hopes from all...